श्रावण कृष्ण अष्टमी को रखा जाएगा शीतलाष्टमी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
श्रावण कृष्ण अष्टमी को रखा जाएगा शीतलाष्टमी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
नई दिल्ली: 06 अगस्त 2026 (गुरुवार) को श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शीतलाष्टमी व्रत और कालाष्टमी मनाई जाएगी। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन भरणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और कई शुभ-अशुभ काल बन रहे हैं।
1. 06 अगस्त 2026 का मुख्य पंचांग
तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी (शाम 06:53 बजे तक)
नक्षत्र: भरणी (रात 08:14 बजे तक)
विशेष पर्व/व्रत: शीतलाष्टमी व्रत, कालाष्टमी
सूर्योदय एवं सूर्यास्त: सूर्योदय सुबह 05:45 बजे | सूर्यास्त शाम 07:08 बजे
2. शुभ एवं अशुभ मुहूर्त (Times)
शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:20 से 05:03 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 से 03:34 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:38 से शाम 05:10 बजे तक
प्रमुख शहरों में राहुकाल समय (अशुभ समय):
दिल्ली: दोपहर 02:07 से 03:48 बजे तक
लखनऊ: दोपहर 01:52 से 03:31 बजे तक
मुंबई: दोपहर 02:21 से 03:58 बजे तक
कोलकाता: दोपहर 01:20 से 02:58 बजे तक
3. भरणी नक्षत्र का ज्योतिषीय महत्व
आकाशमंडल का दूसरा नक्षत्र ‘भरणी’ है, जिसका अर्थ भरण-पोषण करना होता है। इसके स्वामी शुक्राचार्य और राशि मेष है।
विशेषताएं: इस नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह त्रिकोण (Triangle) है।
जातक का स्वभाव: भरणी नक्षत्र के प्रभाव में आने वाले व्यक्ति सत्यवादी, साहसी, प्रेरणादायक और कलात्मक (चित्रकारी/फोटोग्राफी) क्षेत्रों में सफल होते हैं। ये लोग विपरीत परिस्थितियों से घबराते नहीं हैं और असफलता मिलने के बावजूद अंततः अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं।
